भारत में नकली ब्यूटी ब्रांड्स: पहचान, अधिकार और शिकायत प्रक्रिया

नकली कॉस्मेटिक्स से सेहत को खतरा? जानें कैसे करें असली-नकली की पहचान, क्या हैं आपके अधिकार, और कहां करें शिकायत। उपभोक्ता सुरक्षा की संपूर्ण जानकारी।

6/18/20251 min read

1. भारत में नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स: उपभोक्ता जागरूकता और कानूनी अधिकार परिचय: एक बढ़ती चिंता

भारत की ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री तेजी से विकसित हो रही है। लेकिन इस विकास के साथ ही एक गंभीर समस्या भी बढ़ी है वो है नकली और अवैध cosmetic products का प्रसार। ये प्रोडक्ट्स जानी-मानी ब्रांड्स की नकल करते हैं या फिर गैर-licensed तरीके से बनाए जाते हैं।

एक consumer protection lawyer के रूप में, मैं रोज़ाना ऐसे मामले देखती हूं जहां लोगों को नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स से स्किन डैमेज, एलर्जिक रिएक्शन, और आर्थिक नुकसान हुआ है। यह लेख आपको इस समस्या को समझने और अपनी सुरक्षा करने में मदद करेगा।

2. नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स क्या होते हैं?

नकली या counterfeit cosmetics वे प्रोडक्ट्स हैं जो:

  • किसी स्थापित ब्रांड की packaging और branding की नकल करते हैं (जैसे spelling में थोड़ा बदलाव करके: "Lakmé" को "Lakmii" या "Dove" को "Dovee" लिखना)

  • बिना उचित लाइसेंस (Proper licensing) या नियामक अनुमोदन (Regulatory Approval) के बनाए जाते हैं

  • गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करते

  • हानिकारक या समाप्त हो चुकी सामग्री (Expired Ingredients) का इस्तेमाल करते हैं

ये सिर्फ सस्ती नकल" नहीं हैं — ये संभावित रूप से खतरनाक उत्पाद हैं जो उपभोक्ता को धोखा देने और उनकी सेहत को खतरे में डालने के लिए बनाए जाते हैं।

3. यह समस्या क्यों बढ़ रही है?

  1. कमज़ोर कार्यान्वयन (enforcement)

हालांकि भारत में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, Drugs and Cosmetics Act, 1940 और और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, Consumer Protection Act, 2019 जैसे कानून मौजूद हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका पालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है छोटे और अनधिकृत विनिर्माण इकाइयां (unauthorized manufacturing units) अक्सर नियामक निगरानी से बच जाती हैं।

  1. e-कॉमर्स और असंगठित खुदरा व्यापार (Unorganized retail)

ऑनलाइन बाज़ारों और छोटी दुकानों में सत्यापन की कमी के कारण नकली उत्पाद आसानी से बिक जाते हैं। कई बार दुकानदार खुद नहीं जानते कि वे नकली सामान बेच रहे हैं।

  1. कीमत संवेदनशीलता (price sensitivity)

भारतीय बाज़ार में कीमत के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या है। नकली उत्पाद असली ब्रांडों से 40-60% सस्ते मिलते हैं, जो कई लोगों को आकर्षित करता है।

  1. कम जागरूकता

बहुत से उपभोक्ताओं को यह नहीं पता कि उत्पादों की प्रामाणिकता कैसे जांचें, या उन्हें किन चेतावनी संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।

4. नकली उत्पादों के सामान्य पैटर्न

मेरे पेशेवर अनुभव में, कुछ सामान्य पैटर्न देखने को मिलते हैं:

1. वर्तनी भिन्नताएं (Spelling variations) और समान (lookalike) दिखने वाली ब्रांडिंग

प्रसिद्ध ब्रांडों के नाम में मामूली बदलाव (जैसे अतिरिक्त अक्षर, समान फ़ॉन्ट, या हल्का रंग परिवर्तन) करके पैकिंग तैयार की जाती है। यह जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश है।

2. Missing या नकली नियामक जानकारी (fake regulatory information)

असली सौंदर्य प्रसाधनों पर FSSAI लाइसेंस संख्या, निर्माण लाइसेंस, बैच संख्या, और समाप्ति तिथि स्पष्ट रूप से अंकित होती है। नकली उत्पादों में ये या तो गायब होते हैं या फर्जी होते हैं।

3. निम्न-गुणवत्ता (Low-quality) पैकिंग

छपाई की गुणवत्ता खराब, रंगों में असंगति, या पैकिंग सामग्री घटिया होना नकली होने के संकेत हैं।

4. असामान्य रूप से कम कीमतें

अगर कोई प्रीमियम ब्रांड उत्पाद उसकी सामान्य कीमत से बहुत कम में मिल रहा है, तो यह खतरे का संकेत है।

5. Unauthorized sellers

इंस्टाग्राम पेज, व्हाट्सएप विक्रेता, या छोटी अनजान दुकानों से मिलने वाले "ब्रांडेड" उत्पाद अक्सर नकली होते हैं।

5.कानूनी ढांचा(framework) और उपभोक्ता अधिकार (consumer rights),

  • औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, (Drugs and Cosmetics Act), 1940

यह भारत में सौंदर्य प्रसाधनों को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। इसके तहत:

  • हर सौंदर्य प्रसाधन निर्माता को लाइसेंस लेना अनिवार्य है

  • उत्पादों में हानिकारक पदार्थों की निर्धारित सीमा से ज़्यादा मात्रा नहीं हो सकती

  • गलत लेबल वाले या मिलावटी सौंदर्य प्रसाधन बेचना आपराधिक अपराध है

  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act), 2019

यह कानून उपभोक्ताओं को निम्नलिखित अधिकार देता है:

  • सुरक्षा का अधिकार: ऐसे उत्पादों से बचाव जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हों

  • सूचना का अधिकार: उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा, और घटकों के बारे में सही जानकारी

  • निवारण का अधिकार: नकली या हानिकारक उत्पादों से नुकसान होने पर मुआवजे का दावा करने का अधिकार

भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणन BIS (Bureau of Indian Standards) certification

कुछ सौंदर्य प्रसाधन श्रेणियों के लिए BIS प्रमाणन अनिवार्य है। यह गुणवत्ता आश्वासन का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

6. नकली उत्पाद कैसे पहचानें: व्यावहारिक जांच सूची

पैकिंग और लेबलिंग की जांच करें

  • क्या निर्माता का पूरा नाम और पता दिया गया है?

  • क्या विनिर्माण लाइसेंस संख्या है?

  • क्या बैच संख्या और समाप्ति तिथि स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं?

  • क्या घटकों की सूची पूर्ण है?

  • क्या FSSAI या BIS लोगो असली लग रहा है?

    भौतिक गुणवत्ता देखें
  • छपाई की गुणवत्ता कैसी है? धुंधली या असमान तो नहीं?

  • पैकिंग सामग्री की गुणवत्ता कैसी है?

  • वर्तनी की गलतियां या व्याकरणिक त्रुटियां तो नहीं हैं?

  • उत्पाद की गंध और बनावट सामान्य है

सत्यापन उपकरणों का इस्तेमाल करें
  • कई ब्रांड अब क्यूआर कोड या अद्वितीय क्रम संख्या देते हैं जिन्हें उनकी वेबसाइट पर सत्यापित किया जा सकता है

  • FSSAI की वेबसाइट पर लाइसेंस संख्या सत्यापित करें

  • ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिकृत विक्रेताओं की सूची जांचें

कीमत और विक्रेता को समझें
  • क्या कीमत बाज़ार दर से बहुत कम है?

  • क्या विक्रेता अधिकृत खुदरा विक्रेता है?

  • क्या विक्रेता के पास उचित बिल और वारंटी मिलती है?

7. अगर आपको नकली प्रोडक्ट मिल जाए तो क्या करें

तुरंत कदम
  • उत्पाद का इस्तेमाल बंद करें, खासकर अगर कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो

  • सबूत इकट्ठा करें: उत्पाद, पैकिंग, बिल, और किसी शारीरिक नुकसान की तस्वीरें

  • चिकित्सा सहायता लें अगर स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, और चिकित्सा रिकॉर्ड संभालेंशिकायत दर्ज कराएं

शिकायत दर्ज कराएं
  • राज्य औषधि नियंत्रक (State Drug Controller) के पास

सौंदर्य प्रसाधन औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत विनियमित हैं, इसलिए आप अपने राज्य के औषधि नियंत्रक के कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।

  • उपभोक्ता आयोग में

आप District, State, या National Consumer Disputes Redressal Commission में complaint दर्ज करा सकते हैं। Claim value के आधार पर उचित forum चुनें:

  • District Commission: ₹1 करोड़ तक

  • State Commission: ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक

  • National Commission: ₹10 करोड़ से अधिक

  • राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन

टोल-फ्री नंबर 1800-11-4000 पर कॉल करें या consumerhelpline.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

  • E-commerce मंच को सूचित करें

अगर ऑनलाइन खरीदा था, तो मंच की शिकायत निवारण प्रणाली का इस्तेमाल करें।

8. उपभोक्ता के रूप में आपकी जिम्मेदारियां

जागरूक उपभोक्ता बनना सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे बाज़ार तंत्र को बेहतर बनाने के लिए भी ज़रूरी है:

  • सूचित विकल्प लें: खरीदने से पहले शोध करें

  • अधिकृत स्रोतों से खरीदें: थोड़ा ज़्यादा पैसा लगे तो भी सुरक्षा को प्राथमिकता दें

  • सवाल पूछें: अगर कुछ संदिग्ध लगे तो विक्रेता से सवाल करने में संकोच न करें

  • रिपोर्ट करें: नकली उत्पादों की जानकारी अधिकारियों को दें

  • जागरूकता फैलाएं: अपने परिवार और दोस्तों को भी जागरूक करें

9. निष्कर्ष

नकली सौंदर्य उत्पादों की समस्या गंभीर है, लेकिन जागरूक और सतर्क रहकर आप अपनी सुरक्षा कर सकते हैं। याद रखें:

  • सस्ता हमेशा अच्छा नहीं होता

  • सत्यापन में थोड़ा समय लगाना बाद में बड़ी मुसीबत से बचा सकता है

  • आपके उपभोक्ता अधिकार हैं — उनका इस्तेमाल करें

  • आपकी एक शिकायत कई और लोगों को बचा सकती है

TheFraudWatch जैसे मंचों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना है, न कि अनावश्यक घबराहट पैदा करना। सही जानकारी और सही कदम आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा हैं।

सुझाए गए संदर्भ स्रोत

यदि आप इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं, तो निम्नलिखित विश्वसनीय स्रोतों से संपर्क कर सकते हैं:

लेखिका: श्रुति श्रीवास्तव
संस्थापक – thefraudwatch.in
उपभोक्ता वकील | जनहित शोधकर्ता

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे कानूनी सलाह, चिकित्सीय परामर्श, या किसी विशिष्ट उत्पाद या ब्रांड के विरुद्ध आरोप के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी स्किनकेयर उत्पाद के उपयोग से पहले योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें। किसी भी उपभोक्ता शिकायत के लिए उचित कानूनी या नियामक मार्ग अपनाएं। TheFraudWatch किसी भी ब्रांड या उत्पाद का समर्थन या विरोध नहीं करता है, बल्कि सूचित उपभोक्ता निर्णय को प्रोत्साहित करता है।